अब किताबें ही नहीं पढ़ेंगे, खेतों में जाकर मिट्टी की सेहत भी जांचेंगे स्कूलों के बच्चे
पीएमश्री स्कूलों के बच्चे अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे। वे कृषि और माटी के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ेंगे। प्रदेश के 549 पीएमश्री स्कूलों के कक्षा 7वीं से 9वीं और 11वीं के विद्यार्थी जल्द ही खेतों में जाकर मिट्टी के सैंपल लेंगे। वे स्कूल लैब में उनकी वैज्ञानिक जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ये बाल वैज्ञानिक किसानों को जमीन की उर्वरा शक्ति सुधारने के तरीके समझाएंगे। वे बेहतर पैदावार लेने के उपाय भी बताएंगे। इस पहल को अमलीजामा पहनाने के लिए शिक्षा विभाग और कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से योजना बनाई है। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक तरीके से सैंपल लेने की ट्रेनिंग दी जाएगी। लैब में परीक्षण करना भी सिखाया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग के वैज्ञानिक और लैब कर्मी प्रशिक्षण देंगे। लैब जांच के बाद पूरी रिपोर्ट सॉइल हेल्थ कार्ड ऐप पर अपलोड होगी। सभी चयनित स्कूलों और संबंधित छात्रों का सॉयल हेल्थ कार्ड पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होगा। किसानों को डिजिटल और प्रिंटेड रिपोर्ट दी जाएगी। इस योजना के संचालन के लिए कृषि आयुक्तालय योजना में चयनित पीएमश्री स्कूलों को राशि देगा। हर स्कूल के लिए 1 लाख रुपए का बजट मिलेगा। इस राशि से मिट्टी का नमूना लेने की आधुनिक किट खरीदी जाएगी। 50 सैंपल की जांच के लिए रसायन उपलब्ध होंगे। लैब उपकरणों के एक साल के संधारण की व्यवस्था भी होगी। इसके बाद बच्चे खरीफ फसल की कटाई के ठीक बाद खेतों में उतरेंगे। वे रबी की बुवाई से पहले भी सैंपल लेंगे।
पीएमश्री स्कूलों के बच्चे अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे। वे कृषि और माटी के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ेंगे। प्रदेश के 549 पीएमश्री स्कूलों के कक्षा 7वीं से 9वीं और 11वीं के विद्यार्थी जल्द ही खेतों में जाकर मिट्टी के सैंपल लेंगे। वे स्कूल लैब में उनकी वैज्ञानिक जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ये बाल वैज्ञानिक किसानों को जमीन की उर्वरा शक्ति सुधारने के तरीके समझाएंगे। वे बेहतर पैदावार लेने के उपाय भी बताएंगे। इस पहल को अमलीजामा पहनाने के लिए शिक्षा विभाग और कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से योजना बनाई है। विद्यार्थियों को वैज्ञानिक तरीके से सैंपल लेने की ट्रेनिंग दी जाएगी। लैब में परीक्षण करना भी सिखाया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग के वैज्ञानिक और लैब कर्मी प्रशिक्षण देंगे। लैब जांच के बाद पूरी रिपोर्ट सॉइल हेल्थ कार्ड ऐप पर अपलोड होगी। सभी चयनित स्कूलों और संबंधित छात्रों का सॉयल हेल्थ कार्ड पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होगा। किसानों को डिजिटल और प्रिंटेड रिपोर्ट दी जाएगी। इस योजना के संचालन के लिए कृषि आयुक्तालय योजना में चयनित पीएमश्री स्कूलों को राशि देगा। हर स्कूल के लिए 1 लाख रुपए का बजट मिलेगा। इस राशि से मिट्टी का नमूना लेने की आधुनिक किट खरीदी जाएगी। 50 सैंपल की जांच के लिए रसायन उपलब्ध होंगे। लैब उपकरणों के एक साल के संधारण की व्यवस्था भी होगी। इसके बाद बच्चे खरीफ फसल की कटाई के ठीक बाद खेतों में उतरेंगे। वे रबी की बुवाई से पहले भी सैंपल लेंगे।
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